महेन्द्रगिरि: आंध्र प्रदेश की आध्यात्मिक धरोहर
महेन्द्रगिरि: आंध्र प्रदेश की आध्यात्मिक धरोहर आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित महेन्द्रगिरि पहाड़, अपने अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इस पर्वत पर गोकर्णेश्वर भगवान का एक प्राचीन मंदिर है, जिसकी स्थापना के विषय में स्पष्ट प्रमाण तो नहीं हैं, परंतु माना जाता है कि इसका निर्माण मांडासा राजा के पूर्वजों ने किया था। वाशिष्ठ काव्यकांथ गणपति मुनि का आध्यात्मिक सफर वाशिष्ठ काव्यकांथ गणपति मुनि, जो भगवान रमण महर्षि के प्रमुख शिष्य थे, एक बार अपने शिष्य दैवरता के साथ महेन्द्रगिरि आए थे। यहाँ उन्होंने एक अनूठे पुष्पक शिवलिंग की पूजा की, जिसे कहा जाता है कि स्वयं कार्तिकेय ने स्थापित किया था और जिसे परशुराम ने पूजा था। महेन्द्रगिरि और परशुराम की किंवदंती इस स्थल को परशुराम क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है। महाभारत के उद्योगपर्व में उल्लेख है कि परशुराम ने महेन्द्रगिरि पहाड़ को शाश्वत रूप से सेवा की थी। गणपति मुनि की आध्यात्मिक अनुभूति 1916 में, गणपति मुनि और दैवरता महेन्द्रगिरि पर थे, जहां मुनि ने एक अद्भुत शक्ति की अनुभूति की। वे बीस दिनों तक गहन ...